श्री बांके बिहारी जी मंदिर वृंदावन के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहाँ श्री कृष्ण अपने बांके (टेढ़े) स्वरूप में विराजमान हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से दर्शन करने से मनोकामना पूरी होती है।
१. श्री बांके बिहारी जी मंदिर का इतिहास
इस मंदिर की स्थापना स्वामी हरिदास जी ने की थी। निधिवन में उन्हें श्री राधा-कृष्ण की युगल मूर्ति प्राप्त हुई थी, उसी से बिहारी जी की मूर्ति प्रकट हुई। पहले पूजा निधिवन में होती थी, बाद में 1864 में इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। यहाँ पर्दा प्रथा है क्योंकि बिहारी जी की आँखों में बहुत तेज है।
२. मंदिर की विशेषता और दर्शन का समय
यहाँ बिहारी जी का श्रृंगार बार-बार बदला जाता है और हर 2-3 मिनट में पर्दा बंद कर दिया जाता है। यहाँ मंगला आरती नहीं होती।
गर्मियों में: सुबह 07:45 से 12:00, शाम 05:30 से 09:30 बजे
सर्दियों में: सुबह 08:45 से 01:00, शाम 04:30 से 08:30 बजे

३. श्री बांके बिहारी जी मंदिर कैसे पहुँचे? (लोकेशन)
पूरा पता: श्री बांके बिहारी मंदिर, गोडा विहार, वृंदावन, मथुरा, उत्तर प्रदेश
मथुरा जंक्शन से 12 KM, वृंदावन बस स्टैंड से 1.5 KM है। मथुरा से ऑटो का किराया ₹50-₹70 है।
४. आस-पास घूमने योग्य स्थल
- निधिवन – 200 मीटर
- राधा वल्लभ मंदिर – 500 मीटर
- प्रेम मंदिर – 2 मीटर
५. भक्तों के लिए जरूरी सलाह
- भीड़ बहुत होती है, सामान का ध्यान रखें।
- शनिवार-रविवार और एकादशी को सुबह जल्दी जाएं।
- मंदिर में मोबाइल और चमड़े का सामान मना है।
- बंदरों से सावधान रहें, चश्मा और प्रसाद छीन लेते हैं।

